हुजूर इस कदर भी ना इतराके चलिये..

Song: Huzoor Is Kadar Na Itrake Chaliye
Movie: Masoom (1983)
Music By: R. D. Burman
Lyrics By: Gulzar
Performed By: Bhupinder Singh, Suresh Wadkar

One word. Magical.
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हुजूर इस कदर भी ना इतराके चलिये..
खुले आम आंचल ना लेहराके चलिये..

कोई मनचला-गर पकड लेगा आंचल..
जर सोचीये आप क्या किजीयेगा?
लगाले अगर बढके जुल्फ़ो मे कलिया..
तो क्या अपनी जुल्फ़े झटक दिजियेगा?

बडी दिलनशी है हसी कि ये लडीया..
ये मोती मगर यु ना बिखराया कीजे,
उडाके ना ले जाये झोंका हवा का..
लचकता बदन यु ना लेहराया कीजे!

बडी खूबसूरत है हर बात लेकिन..
अगर दिल भी होता तो क्या बात होती!
लिखी जाती फिर दास्तान-ए-मोहब्बत..
एक अफसाने जैसी मुलाकात होती!

हुजूर इस कदर भी ना इतराके चलिये..!
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