दिल का मिज़ाज इश्किया

Song: Dil Ka Mijaaj Ishqiya
Movie: Ded Ishqiya (2014)
Music By: Vishal Bhardwaj
Lyrics By: Gulzar
Performed By: Rahat Fateh Ali Khan

Beautiful song, beautiful lyrics!

रुक रुक के कहते हैं
झुक झुक के रहते हैं
दिल का मिज़ाज इश्किया
तन्हा है लोगों में
लोगों में तन्हायी
दिल का मिज़ाज इश्किया

चोटें भी खाये और गुनगुनाये
ऐसा ही था ये, ऐसा ही है ये
मस्ती में रहता है
मस्ताना सौदायी
दिल का मिज़ाज इश्किया…

शर्मीला शर्मीला परदे में रहता है
दर्दों के छोंके भी चुपके से सहता है
निकलता नहीं है गली से कभी
निकल जाये तो दिल भटक जाता है
अरे बच्चा है आखिर बेहेक जाता है

ख्वाबों में रहता है
बचपन से हरजाई
दिल का मिज़ाज इश्किया…

गुस्से में बलखाना, गैरों से जल जाना
मुश्किल में आये तो वादों से टल जाना
उलझने की इसको यूँ आदत नहीं
मगर बेवफाई शराफत नहीं
ये जज़बाती हो के छलक जाता है
इश्क में होती है
थोड़ी सी गरमाई
दिल का मिज़ाज इशकिया…

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Lyrics Source: http://hindilyricspratik.blogspot.in/2013/12/dil-ka-mijaaz-ishqiya-rahat-fateh-ali.html

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